जब याद तुमें मैं आंऊगा, तबहीं बैठोगे जाग । गए आए कहूं नहीं, सब रूहें बैठीं अंग लाग ।।
कारी कामरी रे किरंतन कहाँ पर उतरा बताईए...
Question: कारी कामरी रे किरंतन कहाँ पर उतरा बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: उदयपुर ताल में जब चीरक भेष लिया