तुम बैठे मेरे कदम तले, कहूं गईयां नाहीं दूर।
ऐ याद करो इन इस्क को, जो आपन करीं मजकूर।
सुकव्यास कहे भागवत में, प्रेम न त्रिगुण...

Question: सुकव्यास कहे भागवत में, प्रेम न त्रिगुण पास । यह चौपाई श्री कुलजम सरूप साहिब के कौन से ग्रन्थ से है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: परिकरमा ग्रन्थ से प्रेम को अंग बरनन वाले प्रकरण की चौथी चौपाई