दुल्हे ने दिल हाल दे, खैंच लिए दिल सारे ।
कहा कहूं सुख इन विध, जो किए हाल हमारे॥
श्री किताब सागर मूलमिलावे के लिखे हैं ऐस...

Question: श्री किताब सागर मूलमिलावे के लिखे हैं ऐसा श्री मुखवाणी में वर्णन आता है तो वोह कौन से सागर हैं उनके नाम बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: नूर,नीर, खीर, दघि, घृत, मधु, रस और सर्वरस ये आढ सागर ही मूलमिलावे के लिखे हैं जिनकी श्री राजी महाराज के आठ अंग करके भी कहा है