तुम बैठे मेरे कदम तले, कहूं गईयां नाहीं दूर।
ऐ याद करो इन इस्क को, जो आपन करीं मजकूर।
हक आप सांचे होने को, सब विध कही सुभान ।...

Question: हक आप सांचे होने को, सब विध कही सुभान । त्यों त्यों दिल ज्यादा चाहे, वास्ते करने ऊपर एहेसान ।। श्री राज जी ने सांचे होने के वास्ते क्या कहा था बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: श्री राजजी महाराज ने अपने आप को सच्चा साबित करने के लिए सब कुछ पहले से ही बता दिया था कि माया में जाकर तुम सब मुझे भूल जाओगी , यह वियोग का खेल बड़ा दुखदायी है। तुम इसे कैसे सहन कर पाओगी । इससे मोमिनों के दिल में चाहना और बढ़ गई और कहा कि हमारे ऊपर एहसान क्यों कर रहे हो