जब इस्क इनों आवसी, तब देखेंगे मुझको ।
इस्क बिना इन अर्स में, मैं मिलों नहीं इनसों ।।
प्यारे मेरे प्राण के, मोहे पल छोड़ो जिन।...

Question: प्यारे मेरे प्राण के, मोहे पल छोड़ो जिन। मैं पाई मेहेर मेहेबूब की, मेरे जीव के एही जीवन ।। इस चौपाई में प्यारे मेरे प्राण को और महबूब किसको कहा है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: हे मेरे प्राणों से भी प्यारे श्यामा महारानी ! अब मुझे एक पल के लिए भी छोड़ना नहीं। अब मुझे प्यारे मेहबूब श्री राजजी महाराज की मेहर से आपके चरण कमल की पहचान हो गई है। यही मेरे जीव के जीवन हैं।