आज की चौपाई

तुम बैठे मेरे कदम तले, कहूं गईयां नाहीं दूर।
ऐ याद करो इन इस्क को, जो आपन करीं मजकूर।

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प्यारे मेरे प्राण के, मोहे पल छोड़ो जिन।...

Shri Nijanand Samparday
Question: प्यारे मेरे प्राण के, मोहे पल छोड़ो जिन। मैं पाई मेहेर मेहेबूब की, मेरे जीव के एही जीवन ।। इस चौपाई में प्यारे मेरे प्राण को और महबूब किसको कहा है बताईए सुन्दरसाथ जी

Answer: हे मेरे प्राणों से भी प्यारे श्यामा महारानी ! अब मुझे एक पल के लिए भी छोड़ना नहीं। अब मुझे प्यारे मेहबूब श्री राजजी महाराज की मेहर से आपके चरण कमल की पहचान हो गई है। यही मेरे जीव के जीवन हैं।