श्री धनीजी के लागूँ पाए,मेरे पिउजी फेरा सुफल हो जाए।
ज्यों पिउ ओलखाए मेरे पिउजी ,सुनियो हो प्यारे मेरी विनती।।
चेतो सबे सत वादियो, सुनियो सो सतगुर मुख...

Question: चेतो सबे सत वादियो, सुनियो सो सतगुर मुख बान। धनी मेरा प्रभु विश्व का, प्रगटिया परवान।। यह चौ. कहाँ उतरी थी और इसमें क्या जाहिर किया है बताईए साथ जी
Answer: यह चौ. हरिद्वार में उतरी थी और इसमें बताया है कि हे सब धर्मों के ज्ञानियो! सत (पारब्रह्म) का ज्ञान देने वाले सतगुरु आ गए हैं। उनकी वाणी को सुनो। पारब्रह्म मेरे तो धनी हैं। संसार के प्रभु हैं। वह प्रगट हो गए हैं। आत्म कभी भी उनको प्रभु करके सम्बोधन नहीं करेगी