जिन केहेनी किल्लीय से, खुल्या भिस्त का द्वार।
सो केहेनी छुड़ाई हुकमें, दे फैल रेहेनी सार ।। खि. 5/14
ज्यों मेहर त्यों जोस है, ज्यों जोस त्यों...

Question: ज्यों मेहर त्यों जोस है, ज्यों जोस त्यों हुकम । मेहर रहत नूर बल लिए, तहां हक इस्क इलम॥ मेहर में नूर बल क्या है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: जाग्रत बुद्ध और निज बुद्ध का पूरा ज्ञान धनी की पूर्ण पहचान ही नूर बल है