मैं फुरमान भेज्या है अव्वल, हाथ अमीन रसूल ।
इमाम भेज्या रूहों वास्ते, जिन जावें ए भूल ।।
हवसे में जब श्री इन्द्रावती जी ने मिहिर...

Question: हवसे में जब श्री इन्द्रावती जी ने मिहिर राज का तन छोड़ दिया था तो उनके शरीर से बाहर आते ही खटरूटी में श्री इन्द्रावती जी किससे झगड़ा करती है कि तुमने हमें क्यूं झूठ के साथ जोड़ कर अपनी सत्य पहचान हमसे छिपाई। वोह क्या झूठ था बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: युगल सरूप श्री राज स्यामा जी के दर्शन हुए थे राधे कृष्ण के नहीं और झूठ यह था कि इन्द्रावती जी श्री राज जी से कहती हैं कि आपने हमें अपने साथ क्यूं नहीं जोड़ा,अपनी असल पहचान हमसे छिपा कर क्यूं ब्रज रास से जोड़े रखा ।