दुल्हे ने दिल हाल दे, खैंच लिए दिल सारे ।
कहा कहूं सुख इन विध, जो किए हाल हमारे॥
इन खेल में जो खेल हैं, सो के हेत न आवे प...

Question: इन खेल में जो खेल हैं, सो के हेत न आवे पार। क. हि.14/2 की इस चौपाई में खेल में खेल जो चल रहे हैं वोह कौन से हैं बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: इस खेल में कई तरह के धर्म पंथ पैंडे, गादी पति,साधू सन्त, पंडित- मुल्ला, वैष्णवी श्री पात बह्मचारी कई तीर्थंकर अवतार, देव-दानव, होदी- बोदी- पादरी यह सब इस ब्रह्मांड में छल और पाखंड के कई तरह के खेल खेलते हैं