इनों रब्द किया इस्क का, हम जैसा हक का नाहें ।
दई फरामोसी इन वास्ते, देखों कैसा इस्क इनों माहें ।।
नार तूं कौन खसम की, दृढ़ कर कहो वचन । यह...

Question: नार तूं कौन खसम की, दृढ़ कर कहो वचन । यह बात श्री राजजी महाराज ने श्याम जी के मन्दिर में श्री स्यामा महारानी जी से क्यूं पूछी कि तुम निश्चय करके बताओ कि तुम कौन से खसम की अंगना हो । क्या दो में से चुन कर बताना था या श्री स्यामा महारानी जी जो उनको समझ रही थी वोह गल्त समझ रही थीं । इसलिए श्री राज जी को यह पूछना पड़ा । कौन खसम का भेद आप ही बताईए सुन्दरसाथ जी
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