आज की चौपाई

दुल्हे ने दिल हाल दे, खैंच लिए दिल सारे ।
कहा कहूं सुख इन विध, जो किए हाल हमारे॥

Quiz

View All Quiz Answer.

Shri Nijanand Samparday

सुक सनकादिक ने नव टली,लखमी नारायण ने फरीवली। विष्णु वैकुंठ लीधां माहें,सागर सिखर न मूक्या क्यांहें।। वाणी की इस चौपाई में किसकी बात हो रही है जिसमें सब शामिल हैं बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

इसमें माया के बारे में बात हो रही है कि इसने शुकदेव मुनि तथा सनकादिक ऋषियों (सनक, सनन्दन, सनातन, सनत कुमार) को भी इसने नहीं छोड़ा। लक्ष्मी और नारायण जो जगत के परमात्मा हैं, को भी इस माया ने अपने फन्दे में फंसा रखा है। बैकुण्ठ में बैठे विष्णु भगवान को भी अपने अन्दर ले लिया है, अर्थात् समुद्र से पहाड़ की चोटी तक (पाताल से बैकुण्ठ व नारायण भगवान सन्पूर्ण क्षर पुरुष) किसी को माया ने नहीं छोड़ा।

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

परमधाम में ऐसी कौन सी जगह आई है जहां न तो पेड़ हैं न फूल, न फल और न ही नहरें,चेहेबच्चे। बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

पश्चिम की चौगान

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

फेर आए रसूल स्याम मिल, सोई फेर आये यार। देख निसवत पांचों दुनीमें, क्यों छोड़ें असल अर्स प्यार ।। इस चौ. का बेवरा करें सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

अब दूसरी बार हुकम के स्वरूप श्री मुहम्मद साहब जिनमें आत्म अक्षर और जोश धनी धाम दो शक्तियां थी जो ब्रज रास खेल कर अरब में श्री महमंद साहब के अंदर आ गई थी वोह और श्री श्यामाजी दोनों मिलकर श्री प्राणनाथजी हकी सरूप के अन्दर हैं और वही सखियां भी फिर सुन्दरसाथ के रूप में आई हैं। यह श्री प्राणनाथजी के अन्दर पांचों शक्तियों (धनीजी का जोश, श्यामाजी, आत्म-अक्षर, जागृत बुद्धि और हुकम) के दर्शन करती हैं। यह स...

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

परमधाम में नूर बाग की चांदनी पर क्या शोभा आई है बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

सुन्दर साथ जी श्री परमधाम में श्री नूर बाग की चांदनी पर फूलबाग की शोभा आई है जिसमें नहरें चेहेबच्चे,और बगीचों में असंख्य फूलों की अपरम्पार शोभा आई है

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

साथ जी जागिए, सुन के सब्द आखिर। वाणी के इस प्रकरण में कौन से आखिर के शब्द हैं बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

श्री कुलज़म सरूप साहिब की 18758 चौपाईयां ही आखिरत के वचन हैं जो हम सुन्दरसाथ के लिए श्री जी साहिब जी ने कहे हैं वाणी में भी आता है पिछले कारण वाणी कही प्रणाम जी

Read Quiz →